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सीकर जिले के महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल

सीकर जिले के विभिन्न दर्शनीय स्थल

विक्रम संवत 1744 में राव दौलतसिंह ने सीकर शहर की स्थापना की थी। उस दौरान सुभाष चौक में छोटा गढ़ बनाया गया था। इतिहास के जानकार महावीर पुरोहित बताते हैं, वीरभान का बास गांव पर सीकर शहर को बसाया गया था। 1954 तक शहर पर 11 राजाओं ने राज किया। सीकर ठिकाने के अंतिम राजा राव राजा कल्याणसिंह थे। इन्होंने 34 साल राज किया। 15 जून 1954 को राव राजा कल्याणसिंह ने शासन की बागडोर राज्य सरकार को सौंप दी। सीकर को वीरभान का बास के बाद सीकर के नाम से जाना जाता रहा। इसे शिखर भी कहा जाता था, क्योंकि गढ़ पर बसाया गया था। अब आईये हम सीकर जिले के विभिन्न दर्शनीय स्थलों के बारे में जानते है :-

1. देवगढ़ का किला सीकर


देवगढ़ का किला सीकर में घूमने की एक मुख्य जगह है। देवगढ़ का किला सीकर से करीब 13 किलोमीटर दूर हर्षनाथ रोड पर स्थित है।

इस किले का निर्माण सीकर के राव राजा देवी सिंह के द्वारा 1787 में किया गया था। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चढाई करनी पड़ती है।अगर आप घूमने के लिए इस किले में जाते हैं, तो आपको अपने साथ खाना और पानी जरूर लेकर जाएं। क्योंकि यहां पर किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।

देवगढ़ का किला पहाड़ी के ऊपर चोटी पर बना हुआ है और किले का बहुत सारा भाग खंडित हो गया है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि किले से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

देवगढ़ का किले में आपको प्राचीन दीवार, बुर्ज, किले का प्रवेश द्वार और महल देखने के लिए मिलते है। देवगढ़ किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है और इस किले में पानी के लिए जलाशय बनाया गया था, जिसमें वर्षा जल एकत्र किया जाता था।

2. श्री दो जंटी बालाजी धाम सीकर

श्री दो जंटी बालाजी मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीकर जिले के फतेहपुर का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर फतेहपुर नगर के बीचो बीच बना हुआ है। 

इस मंदिर में बालाजी हनुमान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह बना हुआ है। मंदिर के अंदर रेत का बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है, जिसमें आपको रेगिस्तान जैसी फीलिंग आएगी। यहां पर आप रेत में खेल सकते हैं। 

मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत सुंदर है। मंदिर के प्रवेश द्वार में गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर चाय और नाश्ते के लिए बहुत सारी दुकान है। यहां पर पार्किंग के लिए अच्छी व्यवस्था है। यह मंदिर मुख्य सड़क में स्थित है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आकर शांति मिलती है। यह मंदिर शेखावत रीजन में घूमने वाली एक मुख्य जगह है।  

 



 

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